मध्य प्रदेश का प्राचीन इतिहास 

  • इतिहास समाज या राष्ट्र को एक पहचान देता है।
  • इतिहास का अर्थ केवल राजाओं या राजवंशों से संबंधित तिथियों और घटनाओं का वर्णन नहीं है, अपितु इसका अर्थ समाज और लोगों के समग्र व्यक्तित्व को आकार देने वाले विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करना भी है।

इतिहास के अध्ययन की आवश्यकता:-

  • यह जानने के लिए कि मानव अस्तित्व एवं इसके लिए आवश्यक अन्य साधनों की शुरुआत कैसे हुई।
  • कृषि की शुरुआत कैसे हुई।
  • हमारे आदिमानवों ने धातु का उपयोग कब शुरू किया और उन्होंने कताई बुनाई, धातु आदि का विकास कैसे किया। राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं कैसे विकसित हुई।
  • साहित्य, शहरी जीवन, विज्ञान और वास्तुकला का विकास कैसे हुआ, आदि। आज इतिहास का क्या प्रभाव नजर आता है।
  • अतीत में क्या गलतियां हुई और क्या सीखे मिली।
  • आज हम कैसे सुधार कर सकते हैं इतिहास के आयामों को देखते हुए।

प्राक् इतिहास/प्रागैतिहासिक काल

  • लिखित इतिहास के पहले कालखण्ड को प्रागैतिहासिक काल कहा गया है।
  • इस कालखण्ड के लोगों को लिपि या अक्षर का ज्ञान नहीं था।
  • यह आदिम लोगों का इतिहास पत्थर व हड्डियों के औजारों तथा उनकी गुफा चित्रकारी के आधार पर लिखा गया है।
  • पाषाणकाल को इसके अंतर्गत रखा गया है।

आदय ऐतिहासिक काल-

  • उस काल खण्ड का इतिहास जो ऐतिहासिक काल से पहले का है, जब लिपि व अक्षर का उन्हें ज्ञान था लेकिन आज भी उसे नहीं पढ़ा जा सका है, आद्य ऐतिहासिक काल के अंतर्गत आता है।
  • इतिहास लेखन की दृष्टि से सिन्धु घाटी की सभ्यता को इसी काल खण्ड के अंतर्गत रखा गया है।

ऐतिहासिक काल

  • इतिहास का वह काल जिससे संबंधित लिखित सामग्री प्राप्त होती है एवं उसे पढ़ा जा सका है।

महाजनपद काल से अब तक का कालखंड शामिल हैं

प्रागैतिहासिक काल

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