मध्य प्रदेश – पाषाण काल

  • पाषाण काल के खोजकर्ता- रॉबर्ट ब्रूस फुट हैं।
  • पुरापाषाण काल- (10लाख ई. पू.से 10 हजार ई. पू.तक)
  • मध्य पाषाण काल- (10हजार ई. पू. से 7 हजार ई पू तक)
  • नवपाषाण काल- (7 हजार ई पू से 4हजार ई पू तक)

पुरापाषाण काल– 

  • आग का आविष्कार हुआ
  • आखेटक और संग्राहक काल
  • शैलाश्रयों में अधिवास

1 निम्न पुरापाषाण काल-

  • सबसे लंबा समय 
  • 10लाख वर्ष ईसा पूर्व से 1 लाख ईसा पूर्व तक 
  • मानव प्रजाति- निएंडरथल प्रजाति 
  • हथियार :-हस्तकुठार , विदारिढी, खंडक 
  • साक्ष्य:- नर्मदा घाटी  (हथनोरा), सोहन घाटी (पाकिस्तान), बेलन घाटी (उत्तर प्रदेश)

2 मध्य पुरा पाषाण काल (फलक संस्कृति)-

  • 1 लाख  वर्ष ई पूर्व से 40000 ईसा पूर्व तक
  • मानव प्रजाति:-होमो इरेक्टस 
  • हथियार:- वेदनी, छेदनी, खुरचनी
  • साक्ष्य:-नेवासा (गोदावरी नदी घाटी)

3 उच्च पुरापाषाण काल-

  • मानव प्रजाति :-होमोसेपियंस 
  • समय 40,000 ई पू से 10000 तक 
  • साक्ष्य:- बेलन घाटी( यूपी )

मध्य पाषाण काल– 

  • मध्य पाषाण काल के खोजकर्ता- जॉन इवान्स
  • 10000 ईसा पूर्व से 7000 ईसा पूर्व तक 
  • आखेटक व पशुपालन काल
  • नदी तट अधिवास
  • पशुपालन की शुरुआत (प्रथम साक्ष्य- आदमगढ़ से)
  • छोटे पत्थरों का प्रयोग 
  • उपकरण:- माइक्रोलीथिक 
·        

साक्ष्य:- 

  • आदमगढ़ (होशंगाबाद)  
  • भीमबेटका 
  • बोधोर (सिधी के पास)
  • आदमगढ़ को विश्व की माइक्रोलीथिक फैक्ट्री कहा जाता है 
  • पशु:- कुत्ता (सर्वप्रथम पालतू) 
  • मानव के स्थायी जीवन के साक्ष्य सराय नहर उत्तरप्रदेश से प्राप्त हुए है
  • भीमबेटका शेलचित्र मध्य पाषाण कालीन स्थल

नवपाषाण काल– 

  • नवपाषाण काल के खोजकर्ता- डॉ. प्राइम रोज है।
  • 7000 ई पू से 4000 ईसा पूर्व 
  • स्थाई जीवन प्रारंभ 
  • पहिए का आविष्कार 
  • कृषि का प्रयोग (व्यवहारिक प्रथम प्रयोग) 
  • शस्त्र:- पाषाण काल से छोटे एवं मध्य पुरापाषाण काल से बड़े 
  • उपकरण:- नियोलिथिक 
  • बस्ती:- मेहरगढ़ (बलूचिस्तान) कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य  

साक्ष्य:-

  • भीमबेटका (रायसेन)
  • हटा (दमोह )
  • संग्रामपुर घाटी (दमोह) 
  • मनूभावन टेकरी नेवली गुफा एवं श्यामला हिल्स (भोपाल)

हथनोरा

  • सीहोर में स्थित 
  • पुरापाषाण कालीन स्थल 
  • मानव की खोपड़ी प्राप्त 
  • विलुप्त हाथी के जीवाश्म प्राप्त 
  • खोज- अरुण सोनकिया 1982 में (2018 में मृत्यु)
  • हथनोरा में 5 दिसंबर 1982 को 70 हजार वर्ष पुराने मानव के कपाल अवशेष खोजे थे। 
  • अरुण सोनकिया हथनोरा में नर्मदा तट पर खुदाई से मानव कपाल निकाला। 
  • प्राचीन मानव को वैज्ञानिकों द्वारा नर्मदा मानव का नाम दिया गया है।                              
अरुण सोनकिया

भीमबेटका– 

  • रायसेन
  • मध्य पाषाण काल एवं नवपाषाण कालीन स्थल 
  • शैल चित्र प्राप्त हुए 
  • खोज:- श्रीधर विष्णु वाकणकर द्वारा 1957- 58 
  • 2003 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल 
  • पांडव कालीन गुफाएं तथा भित्ति चित्र के अनुपम साक्ष्य प्राप्त हुए 
विष्णु श्रीधर वाकणकर
भीमबेटका शैल चित्र 

आदमगढ़

  • होशंगाबाद
  • मध्य पाषाण कालीन स्थल 
  • शैलाश्रय 
  • आर बी जोशी ने 25,000 लघु पाषाण कालीन उपकरण प्राप्त हुए 
  • माइक्रोलीथिक टूल्स की फैक्ट्री कहा जाता है 
  • कृषि एवं पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए 
आदमगढ़ शैल चित्र 

कसरावद

  • पश्चिमी निमाड जिले में (खरगोन )
  • नर्मदा नदी तट पर 
कसरावद

पंचमढी 

  •   कसरावद 2 प्रसिद्ध शैलाश्रय- जम्बूद्वीप व डोरोथीद्वीप मिले थे।

इंद्रगढ़ 

  • मंदसौर जिला 

पवाया

  • प्राचीन नाम पद्मावती 
  • गवालियर से 40 मील दूर 
  • सिंधु एवं पार्वती नदी के संगम पर स्थित

खलघाट

  • धार
  • पाषाण काल के अवशेष
  • बुद्ध के अनुयायियों से संबंधित वस्तुएं प्राप्त हुई 

भरहुत– 

  • सतना
  • शुंगकालीन स्तुप के लिए प्रसिद्ध 

भूमरा

  • सतना
  • गुप्तकालीन शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध 

त्यौंथर

  • रीवा
  • बौद्ध कालीन अवशेष प्रमाण

अन्य स्थल

पीतनगर (खरगोन), निनोर ( सीहोर), तालोद (उज्जैन), पिपरिया (सतना), बिलावली (देवास) , मांमोरीमोडी     (मंदसौर ), डांगवाला (उज्जैन), जटकारा (छतरपुर), आवरा (मंदसौर).

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