मध्यकालीन अन्य वंश

बुंदेला वंश  राजा लव के वंशज माने जाते हैं  वीर बुंदेला ने मऊ मऊनी को राजधानी बनाकर बुंदेलखंड राज्य की स्थापना की। विस्तार- दतिया ,नरवर, चंदेरी एवं ओरछा तक था  प्रमुख शासक- वीर सिंह बुंदेला, पहाड़ सिंह बुंदेला, भगवान सिंह बुंदेला 1531 में रुद्र प्रताप बुंदेला ने ओरछा को राजधानी बनाया  बुंदेला शासक छत्रपाल ने … Read more

गोंड राज्य

15 वीं शताब्दी में मध्य प्रदेश के दक्षिण पूर्व क्षेत्र में विंध्याचल एवं सतपुड़ा की पहाड़ियों के मध्य स्थित क्षेत्र गोंड राज्य कहलाया। यह मुख्यतः तीन भागों में विभाजित था – संस्थापक- यादव राय वास्तविक संस्थापक- संग्राम शाह गढ़ा मंडला का गोंडराज इसका महानतम शासक संग्राम शाह को माना जाता है । इसके समय गढ़ा … Read more

मुगलकालीन मध्य प्रदेश 

बाबर (1526 -1530ई)- पानीपत का प्रथम युद्ध 1526 में हुआ । चंदेरी का युद्ध (1528 ) में मेदनी राय को हराया तथा चंदेरी क्षेत्र पर अपना आधिपत्य स्थापित किया। गुजरात के बहादुर शाह को मंदसौर के युद्ध में हराया  पश्चिमी मध्य प्रदेश पर अपना अधिकार किया पुनः यह राज्य स्वतंत्र हुआ तथा हुमायूं ने इसे … Read more

संक्रमण कालीन मध्य प्रदेश (मालवा सल्तनत)

गौरीवंश तुगलक वंश के पतन के बाद दिलावर खां गौरी ने 1392 में स्वतंत्र मालवा सल्तनत की स्थापना की। तैमूर का प्रतिनिधि दिलावर खां गौरी  वास्तविक नाम हुसैन  नासिरूद्दीन महमूद द्वारा मालवा का गवर्नर नियुक्त किया गया  दिलावर खा ने स्वतंत्र मुस्लिम राज्य की स्थापना की यह नसीरुद्दीन महमूद के समय स्वतंत्र हुआ था राजधानी … Read more

सल्तनतकालीन मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में गुलाम वंश (1206-1290) कुतुबुद्दीन ऐबक (1206- 1210)- मालवा पर कुतुबुद्दीन ने पहला आक्रमण उज्जैन में किया गया चंदेल राजा परमार्दीदेव को हराया (1202 A.D.)  खजुराहो एवं महोबा पर आधिपत्य किया। इल्तुतमिश (1210- 1236)– 1231 इल्तुतमिश ने ग्वालियर के दुर्ग को घेरा तथा प्रतिहारो को पराजित किया। मांडू , गवालियर ,मालवा पर अधिकार किया  … Read more

राजपूतकालीन मध्य प्रदेश (7th to 12th AD)

मध्य प्रदेश में इस समय 4 राज्य वंश प्रसिद्ध हुए – गुर्जर प्रतिहार वंश  कलचुरी वंश  चंदेल वंश  परमार वंश गुर्जर प्रतिहार वंश जैन ग्रंथ कुबलयमाला एवं हरिवंश पुराण के अनुसार गुर्जर शासक वत्सराज का शासन मालवा पर था. आठवीं शताब्दी में गुर्जर प्रतिहार वंश की स्थापना हुई। संस्थापक- नागभट्ट शासन क्षेत्र- उज्जैनी प्रमुख शासक- … Read more

गुप्त एवं गुप्तोत्तर कालीन मध्य प्रदेश के स्थानीय राजवंश

औलिकर वंश इस वंश का प्रथम शासक नववर्मन था  मंदसौर अभिलेख से इसका उल्लेख  राजधानी- मंदसौर  अन्य शासक- यशोधर्मन एवं बंधु बर्मन  मंदसौर से प्राप्त अभिलेखों में यशोधर्मन को उत्तरी भारत के महान शासक के रूप में बताया गया है।  यशोधर्मन ने हूणो को पराजित किया (मंदसौर प्रशस्ति)।   हूण एवं मध्यप्रदेश तिगिन को हूणो का … Read more

गुप्तकालीन मध्य प्रदेश

गुप्तकालीन नाम साँची काकनादबोट सागर स्वभोग नगर संस्थापक– श्री गुप्त या घटोत्कच (सुपिया अभिलेख रीवा के अनुसार)  समुद्रगुप्त की नीतियां- प्रसभोद्धरण की नीति- आर्यावर्त ग्रहण मोक्षानुग्रह की नीति- दक्षिण विजय परिचारिकीकृत की नीति- आटविक सर्वदानाज्ञाकरण की नीति- सीमावर्ती कन्योपायन की नीति- विदेशी चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के द्वारा मालवा विजय- राजधानी- उज्जैनी पश्चिम में अरब सागर तक … Read more

मौर्योत्तर कालीन मध्य प्रदेश/ शुंगकालीन मध्य प्रदेश

संस्थापक- पुष्यमित्र  पुष्यमित्र शुंग ने अपनी दो राजधानी बनाई- पाटलिपुत्र एवं अवंती राज्य में स्थित विदिशा नगर  अपने शासनकाल में पुष्यमित्र ने युवराज अग्निमित्र को विदिशा का शासक बनाकर भेज दिया था  कालिदास रचित मालविकाग्निमित्र में यही अग्निमित्र नाटक का नायक है मालविकाग्निमित्र के अनुसार अग्निमित्र ने विदर्भ के शासक यज्ञसेन के साथ युद्ध कर … Read more

मौर्यकालीन मध्य प्रदेश

अवंती राज्य मध्य प्रदेश में स्थित था।  अशोक 11 वर्ष तक अवंति का गवर्नर रहा  अशोक द्वारा विदिशा की व्यापारी की पुत्री कुमार देवी या महादेवी से विवाह हुआ  अशोक के पुत्र/ पुत्री महेंद्र एवं संघमित्रा  मौर्यकालीन राज्य- उत्तरापथ  दक्षिणा पथ  अवंती  स्वर्णश्री  प्राची मौर्यकालीन साक्ष्य स्तूप– सांची का स्तूप–  स्थिति- रायसेन खोजकर्ता- जनरल टेलर, … Read more

error: Content is protected !!